14 फरवरी 2026 को ब्रह्माकुमारीज़ के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन स्थित विशाल डायमंड हॉल में 90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और आध्यात्मिक उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। शिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देश के केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।



कार्यक्रम का शुभारंभ शिव बाबा की पावन स्मृति में ध्वजारोहण तथा शिवलिंग पर दुग्ध और जल से अभिषेक की दिव्य रस्म के साथ हुआ। जैसे ही अभिषेक सम्पन्न हुआ, संपूर्ण वातावरण भक्ति और श्रद्धा से भरकर दिव्यता से आलोकित हो उठा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने राजयोग ध्यान के माध्यम से परमपिता शिव की स्मृति में गहन शांति, पवित्रता और आत्मिक शक्ति का अनुभव किया।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में श्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि
शिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और राष्ट्र निर्माण का संदेश देने वाला महान अवसर है। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा, “यह घर मेरा है, यह परिवार मेरा है, यह समाज और यह देश मेरा है।” जब यह अपनत्व का भाव जागृत होता है, तब व्यक्ति स्वयं से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के कल्याण हेतु कार्य करता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा किए जा रहे आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्यों की सराहना करते हुए भारत को स्वस्थ, स्वच्छ और संस्कारित बनाने का आह्वान किया।

संस्था की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके जयंती दीदी ने
ईश्वरीय संदेश देते हुए कहा कि निराकार ज्योति स्वरूप परमपिता शिव आत्माओं को विकारों से मुक्त कर पवित्रता, शांति और दिव्यता का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि सच्ची शिवरात्रि तब मनाई जाती है, जब हम जीवनभर पवित्रता और श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाने का संकल्प लेते हैं।

महर्षि भूप पीठाधीश्वर गोस्वामी सुशील जी महाराज, जालौर-सिरोही सांसद श्री लुंबाराम चौधरी तथा अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान लेखक ब्रदर नेविल हॉस्किंसन ने भी अपने शुभकामना संदेशों में शिवरात्रि की आध्यात्मिक महिमा का वर्णन किया। ब्रदर नेविल हॉस्किंसन ने कहा कि विज्ञान बाहरी जगत को समझने में सहायक है, किंतु स्वयं को जानने और शिव से संबंध जोड़ने के लिए आध्यात्मिकता आवश्यक है।


कार्यक्रम में नारी सशक्तिकरण के विषय पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्था ने विश्व के सामने नारी नेतृत्व का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जहाँ बहनें शीर्ष से लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफल संचालन कर रही हैं।
अतिरिक्त महासचिव बीके डॉ. मृत्युंजय भाई तथा इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका बीके हेमलता दीदी ने भी अपने प्रेरक विचार व्यक्त किए। स्वागत भाषण बीके शिविका द्वारा दिया गया तथा कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन बीके सरिता ने किया।

इस अवसर को ज्ञानोदय दिवस के रूप में भी स्मरण किया गया। बताया गया कि शिव अवतरण दिवस अज्ञान के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाने का दिवस है। त्रिकाल ज्ञान और कर्म सिद्धांतों का दिव्य संदेश मानवता को श्रेष्ठ जीवन की दिशा प्रदान करता है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने शिवरात्रि के इस पावन अवसर पर आत्मपरिवर्तन, पवित्र जीवन और विश्वकल्याण का संकल्प लिया। संपूर्ण शांतिवन आध्यात्मिक उल्लास और परमात्म प्रेम की मधुर अनुभूतियों से आलोकित हो उठा।



























