25 फरवरी 2025 को नागपुर स्थित विश्व शांति सरोवर में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा “एकता और विश्वास के माध्यम से स्वर्णिम महाराष्ट्र” राज्य स्तरीय अभियान का भव्य शुभारंभ गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक एकता की भावना से परिपूर्ण रहा।


कार्यक्रम का आरंभ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुआ, जिससे पूरा सभागार देशभक्ति की भावना से गूंज उठा। इसके पश्चात माननीय राष्ट्रपति महोदया एवं मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर एकता और सद्भावना की ज्योति प्रज्ज्वलित की गई।

इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। साथ ही महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत जी, राजस्व मंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुले जी, ब्रह्माकुमारीज़ के अतिरिक्त महासचिव डॉ. बी.के. मृत्युंजय भाई, राजयोगिनी बी.के. चंद्रिका दीदी तथा नागपुर केंद्र की प्रभारी बी.के. रजनी बहन सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं और भाई-बहनों ने कार्यक्रम में भाग लेकर लाभ प्राप्त किया।



स्वागत भाषण में बी.के. रजनी बहन ने कहा कि
यह दिन महाराष्ट्र के लिए स्वर्णिम इतिहास रचने वाला दिन है। उन्होंने बताया कि विश्व शांति सरोवर नागपुर का एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र है, जहाँ से 90 से अधिक सेवा केंद्र संचालित हो रहे हैं और समाज में नैतिक मूल्यों का प्रसार किया जा रहा है।

डॉ. बी.के. मृत्युंजय भाई ने अपने संबोधन में कहा कि
स्वर्णिम महाराष्ट्र का निर्माण आत्मविश्वास, परमात्मा में विश्वास और आपसी एकता से ही संभव है। उन्होंने सभी को पवित्रता, सरलता और उच्च विचारों से जीवन जीने का संदेश दिया।

राजयोगिनी बी.के. चंद्रिका दीदी ने अपने शुभकामना संदेश में
तीन सूत्र दिए — वर्तमान में रहना, सकारात्मक रहना और पूर्णता का अनुभव करना। उन्होंने कहा कि जब हम स्वयं में विश्वास रखते हैं, तो समाज में भी विश्वास और एकता स्वतः स्थापित होती है।

राजस्व मंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुले जी ने कहा कि
यह अभियान सामाजिक और आध्यात्मिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शासन और समाज के संयुक्त प्रयास से ही विकसित और संस्कारित महाराष्ट्र का निर्माण संभव है।

राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत जी ने वेदों के उदाहरण देते हुए कहा कि
जहां एकता और विश्वास होता है, वहीं शांति और समृद्धि का मार्ग खुलता है। उन्होंने मन, वचन और कर्म की एकता को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने कहा कि
महाराष्ट्र महान संतों और महापुरुषों की भूमि है। एकता और विश्वास राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। जब समाज में सकारात्मक सोच, नैतिकता और परस्पर सम्मान बढ़ता है, तब विकसित भारत का स्वप्न साकार होता है।

कार्यक्रम के दौरान एक सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें देशभक्ति गीत, प्रेरणादायक नृत्य एवं नाटिका के माध्यम से एकता, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश दिया गया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी अतिथियों का मन मोह लिया और सभागार तालियों से गूंज उठा।

अभियान के अंतर्गत ब्रह्माकुमारी बहनों को कलश तथा भाइयों को शिवध्वज प्रदान कर पूरे महाराष्ट्र में गांव-गांव जाकर नशामुक्ति, स्वच्छता, मूल्य आधारित शिक्षा और योगिक जीवनशैली का संदेश फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने अपने स्थान पर खड़े होकर जन-गण-मन का सामूहिक गायन किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

यह आयोजन स्वर्णिम महाराष्ट्र और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक सशक्त संकल्प के रूप में स्मरणीय रहेगा।



















