22 मार्च 2026 को यूएनओ द्वारा घोषित विश्व जल दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान, आबू रोड (सिरोही) में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु एक प्रभावशाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी भाई-बहनों एवं आगंतुकों ने जल संरक्षण का संकल्प लिया और आम जन तक यह संदेश पहुंचाने का प्रण किया।
कॉन्फ्रेंस हॉल के ग्राउंड में लगाई गई विशेष प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को दैनिक जीवन में जल बचाने के व्यवहारिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें नहाते समय, भोजन बनाते समय तथा हाथ धोते समय पानी की बचत कैसे की जाए, इसके सरल और प्रभावी तरीके समझाए गए।
पानी विभाग के बी के पारी भाई ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी बड़े स्तर पर जल संरक्षण संभव है। उन्होंने बताया कि आबू रोड क्षेत्र में जल की कमी को देखते हुए यदि संस्थान में प्रतिदिन आने वाले 15,000 से 20,000 लोग जल बचत का संकल्प लें, तो लगभग 20,000 लीटर पानी प्रतिदिन बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान “जल ही जीवन है” और “जल नहीं तो कल नहीं” जैसे सशक्त संदेशों के माध्यम से सभी को प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने जल के महत्व को समझाते हुए कहा कि जल एक ऐसा संसाधन है जिसे बनाया नहीं जा सकता, केवल बचाया जा सकता है। उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ग्राउंड वाटर रिचार्ज और जल के विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष जोर दिया। साथ ही यह भी बताया गया कि जल को दूषित करना एक बड़ा पाप है और इसे बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि ब्रह्माकुमारीज़ एवं भारत सरकार के सहयोग से “जल जन अभियान” के अंतर्गत बोरवेल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से जल स्तर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नारी शक्ति की भूमिका को भी सराहा गया, जो इस अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
इस प्रकार, जल संरक्षण का यह संदेश प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाया गया और सभी को प्रेरित किया गया कि वे जल बचाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य का निर्माण करें।






























