6 मार्च 2026 को गुरुग्राम स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के सेक्टर 82 सेवा केंद्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 120 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास के रूप में देखी गई।
कार्यक्रम में ओआरसी की निदेशिका बीके आशा दीदी ने अपनी दिव्य उपस्थिति से सभी महिलाओं को प्रेरित किया। उन्होंने अपने संबोधन में महिलाओं को जीवन में अपनी आत्मशक्ति को पहचानने और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की स्पिरिट में एक विशेष सुंदरता और प्रेम की शक्ति होती है जो बाहर झलकती है। यदि हम स्वयं को थोड़ा समय दें और आत्मचिंतन करें तो हम अपने अंदर की इन शक्तियों को पहचान सकते हैं और जीवन को अधिक अर्थपूर्ण बना सकते हैं।
इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें कॉर्पोरेट प्रोफेशनल, डॉक्टर, वकील और जज शामिल थीं। यह समाज में नारी की विविध भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम के दौरान Sub Magazine की सह-संस्थापक विनीता जरात और NLP लाइफ कोच दीपिका अग्रवाल के बीच एक सार्थक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इस चर्चा में नारी उत्थान, आत्मविकास और समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार साझा किए गए। पैनल में यह संदेश भी दिया गया कि प्रत्येक महिला को स्वयं के लिए समय निकालना चाहिए और सेल्फ लव को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि जब व्यक्ति स्वयं खुश होता है तभी वह दूसरों के जीवन में भी सकारात्मक योगदान दे सकता है।
इस अवसर पर एसीपी डॉ. कविता, आरवी हेल्थ केयर अस्पताल की निदेशक डॉ. वेणू यादव, आइकॉन ग्रुप ऑफ स्कूल्स के संस्थापक सुनील त्यागी तथा वाटिका ग्रुप की वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीमा दास सहित कई गणमान्य अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और आज महिलाएं पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
कार्यक्रम का आयोजन ब्रह्माकुमारीज़ सेक्टर 82 केंद्र की प्रभारी बीके संध्या के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पूरे कार्यक्रम में आध्यात्मिकता, आत्मचिंतन और सकारात्मक जीवनशैली पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि “ओम शांति केवल एक शब्द नहीं बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है। जब हम शांत होते हैं तभी हम वास्तव में शक्तिशाली बनते हैं।” यह प्रेरणादायी कार्यक्रम नारी सशक्तिकरण और आध्यात्मिक जागृति का सुंदर संदेश देकर संपन्न हुआ।




























