16 नवम्बर 2025 को गुरुग्राम स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर परिसर में राष्ट्रीय आत्म-सशक्तिकरण संवाद का शुभारंभ गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाले 20 विभिन्न सुरक्षा बलों के लगभग 500 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति से इस आयोजन को विशेष व्यापकता और अर्थ प्रदान किया।
इस राष्ट्रीय संवाद का उद्देश्य चुनौतियों से भरे समय में सुरक्षा कर्मियों के मनोबल, मूल्यों और आत्मबल को पुनर्जीवित करना रहा। भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना, कोस्ट गार्ड, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश पुलिस सहित विभिन्न राज्यों की पुलिस तथा नौसेना के रक्षा नागरिक कर्मचारियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष आयाम दिए।
कार्यक्रम में बॉर्डर रोड्स संगठन के अतिरिक्त महानिदेशक हरेंद्र कुमार, वाइस एडमिरल दीपक कपूर तथा पूर्व सीजेडीए देविका रघुवंशी ने प्रेरक विचार साझा किए। वक्ताओं ने मन और विचारों पर नियंत्रण, कर्तव्य से अनासक्ति, मूल्य-आधारित जीवन, आंतरिक शक्ति और आत्म चेतना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि सही मनस्थिति ही जीवन को दिशा देने वाली वास्तविक शक्ति है, और आध्यात्मिक ज्ञान ही मानसिक संतुलन व आत्मबल का आधार बनता है।
बी के शुक्ला दीदी के शुभ वचनों ने संपूर्ण सम्मेलन को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया। वहीं बी के दीपा ने सभी प्रतिभागियों को गहन, शांत तथा शक्तिदायक राजयोग मेडिटेशन का अनुभव कराया, जिसने वातावरण में सकारात्मकता और आत्मिक ऊर्जा का संचार किया।
संपूर्ण आयोजन का समन्वय सुरक्षा सेवा प्रभाग के राष्ट्रीय समन्वयक कर्नल बी.सी. सती द्वारा अत्यंत सुगठित रूप से किया गया। सुरक्षा सेवा प्रभाग के सिल्वर जुबली वर्ष में आयोजित यह कार्यक्रम मात्र एक प्रशिक्षण सत्र न होकर सुरक्षा कर्मियों के लिए आत्म-अनुशासन, मूल्य आधारित नेतृत्व और मानसिक दृढ़ता के पुनर्जागरण का उत्सव बनकर उभरा।
यह संवाद इस संदेश के साथ सम्पन्न हुआ कि जब मन, बुद्धि और संस्कार जागृत होते हैं, तब आत्मिक शक्तियाँ पुनः प्रबल होती हैं और जीवन अधिक शांत, शक्तिशाली और उद्देश्यपूर्ण बन जाता है।































