8 दिसंबर 2025, हैदराबाद — बीबी नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के साइलेंस रिट्रीट सेंटर में केंद्रीय समाज कल्याण मंत्रालय और ब्रह्माकुमारीज़ संगठन के समाज सेवा प्रभाग द्वारा संयुक्त रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संगम परियोजना का भव्य शुभारंभ किया गया।
यह प्रेरणादायी कार्यक्रम “Age with Pride and Live with Dignity” के संदेश के साथ आरंभ हुआ।
इस राष्ट्रीय शुभारंभ समारोह में देशभर से आए 100 से अधिक वृद्धाश्रम प्रशासक उपस्थित रहे। उन्हें संगम परियोजना के अंतर्गत स्थानीय प्रशासन और ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्रों द्वारा गांव-गांव में चलाए जाने वाले कल्याणकारी कार्यक्रमों, मानसिक शांति प्रशिक्षण, राजयोग मेडिटेशन सत्रों और स्वास्थ्य कैंपों की रूपरेखा विस्तार से बताई गई।
साइलेंस रिट्रीट सेंटर की निदेशिका बीके राजकुमारी और बीके सुनीता के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए सक्रिय प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा:
वरिष्ठजन अनुभवों के धनी होते हैं। इन अनुभवों को अगली पीढ़ियों तक पहुँचाना समाज की सबसे महत्वपूर्ण धरोहर है। हम आत्मा स्वभाव से शांत और सुखमय हैं। यदि हमारा लक्ष्य सबको खुशी देना और मुस्कराहट बाँटना है, तो ईश्वर उसकी पूर्ति अवश्य करते हैं। इसलिए हमेशा खुश रहो, मुस्कुराते रहो, और खुशी का खजाना लुटाते रहो।
कार्यक्रम में समाज सेवा प्रभाग के उपाध्यक्ष बीके प्रेम भाई, राष्ट्रीय संयोजक बीके वीरेंद्र, प्रोफेसर बीके ई.वी. गिरीश, मुख्यालय संयोजक बीके अवतार, तेलंगाना स्टेट सीनियर सिटीजन काउंसिल के सदस्य डॉ. जी. नागेश्वर राव, तथा विभिन्न राज्यों और जिला स्तर के वरिष्ठ नागरिक संगठनों के अनेक नेता उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने स्वास्थ्य, खुशहाली और आत्मगौरव को वरिष्ठ नागरिकों का मूल अधिकार बताते हुए कहा:
जब हम स्वस्थ और प्रसन्न रहते हैं, तब परिवार भी सुखी रहता है। यदि हम तकलीफ में होंगे, तो परिवार को भी दुख मिलेगा। इसलिए हमें हेल्दी रहना है, हैप्पी रहना है और सभी को खुशी देनी है।
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि सूरत के अलथान भीमराड और अभवा गांव में भी ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा संगम परियोजना के अंतर्गत सेवा गतिविधियाँ प्रारंभ की गई हैं।
देशभर के बुजुर्गों की गरिमा, देखभाल और सम्मान को सशक्त करने की दिशा में यह संगम परियोजना समाज सेवा प्रभाग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल के रूप में सराही जा रही है।

























