दिल्ली के वसंत कुंज स्थित आईएलबीएस – इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलियरी साइंसेज़ में 13 जनवरी को संस्थान के 16वें फाउंडेशन डे के अवसर पर ‘सेल्फ केयर एंड कम्पैशन’ विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आईएलबीएस ऑडिटोरियम में शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे तक सम्पन्न हुआ।
संस्थान के निदेशक एवं पद्मभूषण सम्मानित डॉ. एस. के. सरिन के आमंत्रण पर ब्रह्माकुमारीज़ से जुड़ी बीके श्रेया बहन, जो पिछले 16 वर्षों से संगठन की फैकल्टी मेंबर हैं, ने डॉक्टर्स, मेडिकल स्टाफ एवं विद्यार्थियों को संबोधित किया। सत्र का उद्देश्य हॉस्पिटल जैसे संवेदनशील वातावरण में कार्यरत स्टाफ की इमोशनल और मेंटल रेज़िलियंस को सशक्त बनाना था।
बीके श्रेया ने साझा किया कि
मरीजों के दर्द, भय और अपेक्षाओं के बीच कार्य करते हुए डॉक्टरों और स्टाफ के लिए स्वयं की भावनात्मक केयर अत्यंत आवश्यक है। जैसे शारीरिक सुरक्षा के लिए ग्लव्स और मास्क पहने जाते हैं, वैसे ही कार्य से पूर्व स्वयं को इमोशनली स्ट्रॉंग बनाना ज़रूरी है, ताकि उपचार के साथ-साथ रोगियों की हीलिंग में भी सहयोग दिया जा सके। उन्होंने 100 प्रतिशत अटेंशन, शांति, सेल्फ कंट्रोल और क्रोध से दूर रहने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने यह भी प्रेरणा दी कि
दिनभर में कुछ क्षण मेडिटेशन के लिए निकालकर स्वयं को ईश्वर का इंस्ट्रूमेंट समझकर कार्य करने से कार्यक्षमता बढ़ती है और आंतरिक शांति का अनुभव होता है।
कार्यक्रम में DCP श्री अमित गोयल जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सत्र के अंत में डॉ. एस. के. सरिन एवं DCP श्री अमित गोयल जी द्वारा संयुक्त रूप से बीके श्रेया का फेलिसिटेशन किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया।
इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में लगभग 600 से 700 लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।































