आबू रोड, 15 फरवरी 2026। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के शांतिवन परिसर में देश-विदेश से आए हजारों साधकों की पावन उपस्थिति में महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही श्रद्धा, उमंग और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। इस शुभ अवसर पर 100 फीट ऊँचा शिव ध्वज फहराया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।


कार्यक्रम में संस्था की मुख्य प्रशासिका बीके मोहिनी ने कहा कि
परमात्मा शिव का ध्वज हमें याद दिलाता है कि हमें सदा शिव बाबा की स्मृति में रहना है और अपने अंदर के विकारों को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि जब हम सच्चे दिल से अपनी बुराइयों को परमात्मा को अर्पण करते हैं, तब परमात्मा हमारे जीवन में दिव्य गुणों का संचार करते हैं। यही महाशिवरात्रि का सच्चा संदेश है।
संयुक्त मुख्य प्रशासिका मुन्नी बहन ने सभी को शिव जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए इस दिन को बाप और बच्चों का जन्म दिवस बताया। उन्होंने कहा कि संस्था इस वर्ष 90वीं शिव जयंती मना रही है और वह समय निकट है जब हर आत्मा अनुभव करेगी – “मेरा बाबा आ गया।”

अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका बीके जयंती ने
शिव जयंती के पावन अवसर पर ब्रह्मा बाबा को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि शिव जयंती केवल परमात्मा शिव का अवतरण दिवस ही नहीं, बल्कि ब्रह्मा बाबा और हम सभी बच्चों के आध्यात्मिक जागरण का भी दिवस है। उन्होंने दादी जानकी जी के शब्दों को स्मरण करते हुए कहा कि यह गीता जयंती भी है। हम सभी को अपने पुरुषार्थ को और तेज करना है ताकि बाबा की प्रत्यक्षता का कार्य शीघ्र पूर्ण हो सके।
संस्था के महासचिव बीके करुणा भाई ने कहा कि
हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं कि स्वयं परमात्मा शिव ने हमें लौकिक, अलौकिक और पारलौकिक तीनों बाप का परिचय दिया है। यह ज्ञान मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने वाला है।
अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय भाई ने
शिव जयंती को नई दुनिया की शुरुआत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें संकल्प दिलाता है कि हम इस पुरानी दुखी दुनिया को नई सुखी दुनिया में परिवर्तन करने के लिए अपने जीवन को समर्पित करें। इसीलिए इस दिवस को ज्ञान उत्सव, प्रेम उत्सव और शांति उत्सव भी कहा जा सकता है।

महाशिवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने हाथों में छोटी-छोटी शिव की झंडियाँ लेकर भक्ति गीत गाए। वातावरण “हर-हर महादेव” और “शिव बाबा की जय” के नारों से गूंज उठा। माताओं, बहनों और सभी आयु वर्ग के लोगों ने अपने मन के विकारों को त्यागने और दिव्य जीवन जीने का संकल्प लिया। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति में झूमते और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते रहे।


इस अवसर पर ज्ञानामृत पत्रिका के प्रधान संपादक बीके आत्म प्रकाश, जापान की प्रभारी बीके रजनी, रूस सेंट पीटर्सबर्ग की प्रभारी बीके संतोष, मलेशिया की प्रभारी बीके मीरा, मास्को की प्रभारी बीके सुधा सहित अनेक वरिष्ठ भाई-बहन उपस्थित रहे।

यह महाशिवरात्रि महोत्सव सभी के लिए आत्मिक जागृति, संकल्प और नवजीवन का प्रेरणादायक अवसर बन गया।


























