17 मार्च 2026 को ब्रह्माकुमारीज़ के मुख्यालय स्थित तपोवन परिसर में यौगिक एवं प्राकृतिक खेती का एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिला, जहां अंगूर की खेती ने इस वर्ष रिकॉर्ड उत्पादन के साथ सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। पूर्व वर्षों में जहां 8 से 10 टन तक की पैदावार होती थी, वहीं इस बार लगभग 25 टन अंगूर का उत्पादन प्राप्त हुआ है।


तपोवन परिसर में लगभग 3 एकड़ भूमि पर चार प्रकार के अंगूर—काले, सफेद, ब्राउन और क्रिमसन—की सफलतापूर्वक खेती की जा रही है। विशेष बात यह है कि जिस भूमि और जलवायु को लंबे समय तक अंगूर की खेती के लिए अनुपयुक्त माना जाता था, उसी भूमि पर यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।


इस सफलता के पीछे एक विशेष तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसमें स्थानीय जंगली बेल के तनों पर अंगूर की कलम तैयार की गई। इस नवाचार से पौधों को आवश्यक पोषण मिला और खेती अत्यंत सफल सिद्ध हुई। इस परियोजना में ब्रह्माकुमारीज़ के ग्राम विकास प्रभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जो निरंतर प्राकृतिक एवं ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने में संलग्न है।



बीके रामनाथ भाई, जो वर्ष 2011 से इस खेती से जुड़े हुए हैं, ने बताया कि यह उत्पादन हर वर्ष बढ़ता जा रहा है और इस वर्ष 25 टन तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी साझा किया कि खेती में योग का विशेष प्रयोग किया जाता है। प्रत्येक रविवार और गुरुवार को सुबह और शाम शांतिवन से योग का अभ्यास कराया जाता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव पौधों पर भी देखा गया है।



इन अंगूरों का वितरण शांति वन में प्रसाद के रूप में किया जाएगा। इसके साथ ही तपोवन परिसर में अमरूद और टमाटर जैसी अन्य फसलों की भी अच्छी पैदावार हो रही है।


यह पहल यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और योग की शक्ति के साथ असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।























