प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कोझिकोड (अशोकपुरम) – मेडिकल विंग द्वारा “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता एवं ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकना और लोगों में आध्यात्मिक जागरूकता के माध्यम से आत्मबल बढ़ाने का संदेश देना था।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह के साथ संवाद स्थापित करते हुए बताया गया कि नशे की लत का मुख्य कारण मनुष्य के भीतर बढ़ता हुआ असंतुलन और तनाव है। इस विकार का एकमात्र प्रभावी उपचार आध्यात्मिक सशक्तिकरण है। जब मनुष्य अपने अंदर की अनंत शक्तियों को पहचानता है, तो वह समाज के संगठन और भारत की गरिमा को ऊँचाइयों पर ले जाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को यह जागरूक करना था कि उनके भीतर असीम गुण और प्रतिभाएँ विद्यमान हैं। यदि वे अपनी इन क्षमताओं को पहचानें और नशा एवं मोबाइल की लत से स्वयं को मुक्त रखें, तो वे न केवल स्वयं को बल्कि समाज को भी एक सुंदर दिशा प्रदान कर सकते हैं।
कार्यक्रम में 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा सभी ने नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा ली। यह सत्र सभी के लिए प्रेरणादायक एवं आत्मजागृति से परिपूर्ण रहा, जिसने उपस्थित जनों में नई सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।














