21 दिसंबर 2025 को जगदंबा भवन, पिसोली, पुणे में राष्ट्रीय किसान दिवस एवं विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों का सम्मान करना तथा उन्हें योगिक खेती, राजयोग ध्यान एवं सकारात्मक जीवन शैली के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में बी.के. बालासाहेब रुगे ने योगिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विचारों और भावनाओं के खेती पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव को बताया तथा किसानों से प्रतिदिन शांति और शुभ भावनाओं का योगदान देने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि पुणे कृषि विद्यापीठ के असोसिएट डीन डॉ. महानंद शिवाजीराव माने ने राजयोग ध्यान को व्यक्ति, परिवार और समाज की समृद्धि का आधार बताया।
महाराष्ट्र वारकरी संप्रदाय के अध्यक्ष हरी भक्त पारायण रांजने महाराज ने संतुलित और निर्व्यसनी जीवन का संदेश दिया, जबकि कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग के महाराष्ट्र संयोजक बी.के. दशरथ भाई ने राजयोग को किसानों के लिए सशक्त साधन बताया। विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर बी.के. शीतल बहन ने राजयोग ध्यान सत्र का सफल संचालन किया, जिससे सभी ने गहरी शांति का अनुभव किया।
कार्यक्रम का सूत्रसंचालन बी.के. दत्ता भाई ने किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं किसान सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को विशेष बनाया। 200 से अधिक किसानों की उपस्थिति में संपन्न यह आयोजन आध्यात्मिक सशक्तिकरण, मानसिक शांति एवं सकारात्मक जीवन का प्रेरक माध्यम बना




























