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सकारात्मक जीवन जीने के लिए 10 नई मान्यताएं/ बिलीफ (भाग 2)

सकारात्मक जीवन जीने के लिए 10 नई मान्यताएं/ बिलीफ (भाग 2)

हम अपने जीवन में शांति, प्रेम, आनंद और शक्ति के गुणों का अनुभव करने के लिए कई गलत धारणाएं/ मान्यताएं रखते हैं और हमारे कई कार्य इन्हीं पर आधारित होते हैं। परमपिता परमात्मा जो हमारे सर्वोच्च शिक्षक भी हैं, वे ज्ञान द्वारा हमारे इस बिलीफ सिस्टम को बदलकर, न केवल गलत मान्यताओं से अवगत कराते हैं, बल्कि सही आध्यात्मिक मान्यताओं व सत्य को हमारे साथ शेअर करते हैं ताकि, हम उनके आधार पर कार्य कर अपने जीवन में स्थायी शांति, प्रेम, आनंद और शक्ति का अनुभव करना शुरू कर दें। यहां इन संदेशों में हमने ऐसी ही 10 गलत मान्यताएं और उनसे जुडी सच्चाई के बारे में बताया है –

मान्यता 1- रिश्तों में सफलता के लिए, काम निकालने और सम्मान पाने के लिए गुस्सा करना ज़रूरी है, यह हमें मानसिक रूप से शक्तिशाली बनाता है।

सच्चाई – हमारे रिश्तों की खूबसूरती; हमारे बीच शांति, प्रेम और अच्छाई की एनर्जी के आदान-प्रदान से ही होती है। लोग हमारे शांतिपूर्ण और प्रेमपूर्ण स्वभाव से प्रभावित होकर हमारा सम्मान करते हैं, और हमारे साथ काम करने का आनंद लेते हैं, बजाय इसके कि, जब हम उन्हें अपने गुस्से से नियंत्रित करते हैं। क्रोध एक अस्थायी नेगेटिव एनर्जी है जो कुछ समय के लिए रोमांच पैदा करती है, लेकिन साथ ही यह हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाती है, और क्रोध से ग्रसित आत्माओं के ज्ञान और संतुष्टि जैसे आध्यात्मिक खजानों को भी ख़त्म कर देती है।

मान्यता 2- चिंता और डर हमें हमारे जीवन में आने वाली नेगेटिव परिस्थितियों के लिए तैयार करते हैं। और अपने किसी करीबी के लिए चिंता करना, उनके प्रति हमारा अटूट प्यार है।

सच्चाई – पहले से मौजूद किसी भी नेगेटीव परिस्थिति में चिंता और डर समस्या को और भी बढ़ा देते हैं, और समाधान को दूर रखते हैं। भविष्य में होने वाली किसी भी नेगेटीव परिस्थिति के लिए चिंता और भय करना, पहले से ही एक नेगेटीव कल्पना करने जैसा है, जो आत्मा को सबसे खराब परिणाम के लिए तैयार करने के बजाय, उसकी आध्यात्मिक शक्ति को खत्म कर ब्रह्मांड में नेगेटीव एनर्जी भेजती है, जो नुकसान पहुंचा सकती है। अपने प्रियजनों के लिए कनसर्न होना और उनकी चिंता न करना, उनके प्रति हमारे प्यार को दरशाता है, जोकि जरुरत पडने पर उन्हें सहायता प्रदान करता है, क्योंकि हम उस समय पोजीटीविटी और पावर से भरे होते हैं। लेकिन चिंतित होने पर हम स्वयं कमजोर बन जाते हैं।

(कल जारी रहेगा…)

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