संस्कृत
... इस पर एक कहानी वा दृष्टान्त सुनाते हैं कि रानी के गले में हार पड़ा था और ढूढती थी बाहर…. ऐसे शान्ति तो तुम्हारे गले में पड़ी है। बाहर कहाँ ढूँढते हो। ... (साकार मुरली - 10 September 2016)
निश्चित सीमा से हटकर
Outside
బయట; వెలుపల