अरबी
... अगर अन्दर कोई कांटा हो तो जैसे दूसरे के अवगुण से नफ़रत आती है वैसे अपने आसुरी अवगुण से नफ़रत करो तो कांटा निकल जायेगा। ... (साकार मुरली - 28 April 2016)
द्वेष
Hatred
ద్వేషము