एक अद्भुत जीवन कहानी - 1

जीवन को पलटाने वाली एक अद्भुत जीवन कहानी

भाग - 1

इस पुस्तक में जो जीवन-कहानी दी हुई है, उसमें एक अद्भुत मनुष्य का बहुत ही अनोखा, महत्वपूर्ण और दिलचस्प जीवन-वृत्त है। साथ ही साथ, उसी मनुष्य के तन में परमपिता परमात्मा के अवतरण अथवा प्रवेश की प्रेक्टीकल और अद्भुत कहानी भी इसमें है। इस विचित्र मानवी जीवन-कहानी में ईश्वरीय चरित्रों का भी आँखों देखा हाल लिखा है।
हमारे इस कथन पर बहुत-से लोगों को आश्चर्य होगा और शायद कुछेक को इस पर विश्वास नहीं होगा क्योकि आज बहुत-से लोग परमात्मा के अवतरण में ही आस्था नहीं रखते। परन्तु मेरा नम्र निवेदन है कि इस जीवन-वृत्त को पढ़ने के बाद ही वे निर्णय करें।
जिस असाधारण मनुष्य की विचित्र जीवन-कहानी का यहाँ उल्लेख है, उन्हें लोग स्नेह से 'दादा' कहते थे परन्तु परमपिता परमात्मा ने उनके तन में प्रविष्ट होने के बाद उनको कर्तव्य-वाचक नाम दिया 'प्रजापिता ब्रह्मा'। हम उन्हें 'ब्रह्माबाबा' अथवा 'बाबा' इस मधुर शब्द से याद करते हैं। परमात्मा त्रिकालदर्शी हैं और सर्वज्ञ हैं अतः उन्होंने करोड़ों मनुष्यों में से उस मनुष्य को चुनकर उसके तन में प्रवेश किया तो अवश्य ही इसके कई कारण रहे होंगे। परमात्मा ने उस विशिष्ट पुरुष की अनेक जन्मों की कहानी हमें बताई भी है, जिससे स्पष्ट होता है कि वह सचमुच एक अद्भुत व्यक्ति थे। परन्तु चौरासी जन्मों की उस कहानी को छोड़कर यदि हम 'दादा' अथवा 'ब्रह्माबाबा' के वर्तमान जीवन पर भी ध्यान दें तो इस लौकिक बुद्धि को और इन चर्म-चक्षुओं को भी उनमें ऐसी योग्यताएँ अथवा विशेषताएँ दिखाई देती थीं कि जिनके कारण परमात्मा ने उनके तन में प्रवेश किया।