सच्चाई सफाई की गुह्य परिभाषा
Dadi Prakashmani Ji·Hindiसच्चाई केवल सत्य बोलना नहीं, बल्कि सत्य परमात्मा से जुड़कर दिल, बुद्धि, संकल्प और संस्कारों को हर प्रकार के व्यर्थ, अभिमान, संशय और संगदोष से स्वच्छ रखना है। साफ दिल आत्मा अपनी गलती को तुरंत पहचानकर परिवर्तन करती है, निर्मान रहती है और हर परिस्थिति में बाबा को अपना साथी अनुभव करती है। सच्चाई और सफाई ही बुद्धि की लाइन को स्पष्ट बनाकर आत्मा को स्मृतिलब्धा, नष्टोमोहा और कर्मातीत स्थिति की ओर ले जाती हैं।