माया से निर्भय रहो तो विजयी बन जायेंगे
Dadi Prakashmani Ji·Hindiमाया पर विजय का आधार है—अपने ऊँचे स्वमान, बाबा की गोद और उसकी छत्रछाया में स्थिर रहना। जब आत्मा स्वयं को शिववंशी, ब्राह्मण कुल की और मास्टर सर्वशक्तिमान अनुभव करती है, तब विकार, आकर्षण और भय अपनी शक्ति खो देते हैं। निर्भयता, सच्ची दिल, नियम और निराकारी स्थिति के अभ्यास से बुद्धि शीतल, शक्तिशाली और विजयी बनती है।