संस्कृत
… सच की बेड़ी को हिलाने की कोशिश करते हैं। परन्तु तुम जानते हो कि हमारी सच की नांव कभी डूब नहीं सकती ... (साकार मुरली - 10 September 2020)
नाव
Boat
నావ
ಹಡಗು