संस्कृत
... कहते हैं लोक परलोक सुहाले हो। यह है स्थूल लोक और फिर परलोक सुहाले बन जाते हैं ... (साकार मुरली - 6 June 2017)
इस लोक और परलोक में हम सुख रहें
To be happy in this world and the other world
ఇహ పరలోకములలో సుఖముగా ఉండుట