संस्कृत
... वही श्रीकृष्ण 84 जन्म लेते-लेते अब पिछाड़ी के जन्म में है, जिसको फिर बाबा एडाप्ट करते हैं। पुराने को नया बनाते हैं, कितनी गूढ़ बाते हैं समझने की। ... (साकार मुरली - 17 November 2018)
गहन; अर्थगर्भित
Abstruse
నిగూఢమైన