संस्कृत
... निश्चयबुद्धि बच्चे बाप द्वारा जब खुशी, शान्ति, शक्ति वा सुख की अनुभूति करते हैं तो लोकलाज की भी परवाह न कर, सदा कदम आगे बढ़ाते रहते हैं। ... (साकार मुरली - 4 April 2016)
सामाजिक शील शिष्टता का बन्धन; सांसारिक मर्यादा से उत्पन्न लज्जा का भाव
Concerned about the opinion of the society or public
లోకరీతి యొక్క బంధనము; లోక మర్యాద