संस्कृत
... तुम ब्राह्मण हो यज्ञ रक्षक, यह यज्ञ ही तुम्हें मन-इच्छित फल देने वाला है ... (साकार मुरली - 3 March 2017)
चाहा हुआ; वांछित फल; अभीष्ट
The fruit you desire
మనో వాంఛిత ఫలము; కోరుకున్న ఫలితము; అభీష్టము