फ़ारसी
... बाप तुम्हारा मेहमान बनकर आया है तो तुम्हें आदर करना है, जैसे प्रेम से बुलाया है ऐसे आदर भी करना है, निरादर न हो ... (साकार मुरली - 28 February 2020)
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