साकार मुरली
... मनुष्यों को तो अनेक प्रकार के चित्र याद आते हैं। मेले मलाखड़े याद आते हैं। वह सभी हैं हद के, तुम्हारी है बेहद की याद, बेहद की खुशी, बेहद का धन। बेहद का बाप है ना। ...
28 August 2020
संस्कृत
Festivals - Gatherings
ఉత్సవాలు - తిరనాళ్ళు
उत्सव - लोगों का जमावड़ा
ಹಬ್ಬಗಳು; ಉತ್ಸವಗಳು ; ಹಬ್ಬ-ಹರಿದಿನಗಳು