अव्यक्त मुरली
… आप स्वयं जब हीरे तुल्य हो तो हर बोल भी रत्न समान हो। ऐसा मूल्यवान हो। साधारण नहीं हो ...
31 December 1998
संस्कृत
Valuable
విలువైన
बहु मूल्य