फ़ारसी
... ‘अंगद’ बन जाओ। नाखून को भी हिला न सके। टांग तो छोड़ो लेकिन नाखून को भी माया हिला नहीं सकती। ... (अव्यक्त मुरली - 21 December 1989)
नख
Nail
గోరు