संस्कृत
… स्वयं को भी सदा सम्पन्न मूर्त्त अनुभव करेंगे और अन्य निर्धन आत्माएँ भी सम्पन्नमूर्त्त को देख उनकी भरपूरता की छत्रछाया में स्वयं भी उमंग, उत्साहवान अनुभव करेंगे। ... (अव्यक्त मुरली - 16 February 1978)
गरीब
Poor
బీద; పేద