अव्यक्त मुरली
... आज वतन में बापदादा की यही रूह-रूहान चल रही थी कि डबल विदेशी बच्चे अपने समीप के सम्बन्ध के स्नेह में निराकार और आकार को साकार रूपधारी बनाने में बहुत होशियार हैं। ...
2 January 1982
अरबी
Hearty conversation
ఆత్మిక సంభాషణ
रूहानी बातचीत