संस्कृत
... नहीं तो पता है कितने व्यर्थ के सम्बन्ध हो जाते, सासू का, नंनद का, भाभियों का….सबसे बच गई ना। न जाल में फँसी ... (अव्यक्त मुरली - 11 January 1983)
पति या पत्नि की माता
Mother-in-law
అత్తగారు