अव्यक्त मुरली
… बाप भी बेहद का, वर्सा भी बेहद का, अधिकार भी बेहद का लेकिन लेने वाले नम्बरवार बन जाते हैं – ऐसा क्यों? इसके संक्षेप में दो कारण हैं। एक बुद्धि में स्वच्छता नहीं, क्लीयर नहीं। दूसरा हर कदम में सावधान नहीं अर्थात् केयरफुल नहीं। ...
9 May 1983
संस्कृत
Nutshell; In short; Essence
సంక్షిప్తం; చిన్నదిగా చేయబడిన; సారాంశం
थोड़े में कोई बात कहना; समाहार