संस्कृत
... अभी तुम समझते हो हम कोई कच्छ-मच्छ थोड़ेही बनते हैं, 84 लाख योनी थोड़ेही लेते हैं। अभी तुमको बाप की श्रीमत मिलती है – बच्चे, तुम 84 जन्म लेते हो... (साकार मुरली - 6 November 2019)
गर्भ
Womb
గర్భము