साकार मुरली (गुरुग्रन्थ साहब)
... निर्भय, निर्वैर, अकालमूर्त… सतगुरू प्रसाद, जप साहेब आदि यह महिमा है– परमपिता परमात्मा की। अकालमूर्त को ही मानते हैं। ... (25 January 2017)
भगवान को किसी का भय नहीं, किसी से वैर नहीं और उसको कभी काल खा नहीं सकता, सतगुरु की कृपा से (प्रसाद से) समृद्ध है जपो (दोहराओ) परमात्मा को (साहेब को...)
God is fearless, one who has no animosity, the immortal image, By Guru’s grace, he is realized and meditate his name
భగవంతుడు నిర్భయుడు, ఎవ్వరితోనూ వైరము లేనివాడు, కాలాతీతుడు, సద్గురువుని కృపతో వారిని గుర్తించగలము, సాహెబును జపించండి...