साकार मुरली (गुरुग्रन्थ साहब)
... कितनी इन्वेन्शन निकालते हैं कि बच्चे पैदा कम कैसे हों। परन्तु नर चाहत कुछ और, भई कुछ औरे की और। सबकी मृत्यु तो होनी ही है ... (22 October 2020)
मनुष्य कुछ चाहता है और भगवान को कुछ और ही मंजूर होता है
Human beings want one thing to happen and something else happens instead, God's will is different
తానొకటి తలిస్తే దైవం మరొకటి తలచినట్లు
ನೀವು ಒಂದು ಯೋಚಿಸಿದರೆ, ದೇವರು ಇನ್ನೊಂದು ಯೋಚಿಸುತ್ತಾನೆ.
தானொன்று நினைக்க தெய்வம் மற்றொன்று நினைப்பது போல்