BKAudioBKAudio
Menu
HomeSearchRecently Added
Your Library
For YouFavouritesHistoryMy PlaylistsOffline Downloads
Songs
PlaylistAlbumArtistsRingtones
Classes
CategoryAlbumSpeakers
Commentaries
CategorySpeakers
Music
Playlist
Avyakt
Mahavakya
Preferences
[email protected]+91 9888588815brahmakumaris.com
HomeBKOneSearchPreferences
Homeनिश्चय बुद्धि एक बल एक भरोसा
निश्चय बुद्धि एक बल एक भरोसा
Spiritual Classes

निश्चय बुद्धि एक बल एक भरोसा

Dadi Gulzar Ji
53:16121
निश्चय बुद्धि एक बल एक भरोसा
Spiritual Classes
निश्चय बुद्धि एक बल एक भरोसा
Dadi Gulzar Ji
53:16121 plays

Essence

अमृतवेले अपने प्यारे बाबा से मिलन मनाया, तो मधुबन में पावरफुल योग का अनुभव अवश्य हुआ होगा। पावरफुल योग ही विघ्न विनाशक बनने का साधन है। पहले अपने मन के विघ्नों को समाप्त करना होगा, तभी निर्विघ्न बन सकते हैं। विघ्न आएँगे ही—उनका काम है सामने आना और हमारा काम है विघ्न विनाशक बनना।

बीती हुई बातों के बारे में बार-बार सोचना, पानी को बिलोने जैसा है। इससे समय, संकल्प और ऊर्जा व्यर्थ होती है। जो बिंदी रूप में स्थित रहता है, वही बीती बातों पर बिंदी लगा सकता है। इसलिए तीन बिंदियाँ याद रखें—मैं बिंदी, बाबा बिंदी और जो बीत गया सो बिंदी।

सभी को बापसमान बनना है, इसलिए बाबा बिंदी हैं—यह स्मृति सदा रहे। यदि आत्मस्थिति में नहीं हैं और केवल "बाबा, बाबा" कहते हैं, तो शक्ति का अनुभव नहीं होगा। आत्मा बनकर याद करेंगे, तभी परमात्मा की मदद मिलेगी। देह-अभिमान ही अधिकांश विघ्नों का कारण है। पहला पाठ निश्चय का है; निश्चय नहीं, तो विजय भी नहीं। व्यर्थ संकल्प भी संशय का बीज है।

हमारा एकमात्र आधार बाबा हों। किसी व्यक्ति की विशेषता को आधार न बनाएँ; वह भी प्रभु-प्रसाद है। परिवार के साथ प्रेम और सम्मान रखें, उनकी विशेषताओं को अपनाएँ, लेकिन आधार केवल एक बाबा को बनाएँ।

बाबा से गहरा और सच्चा संबंध रखें। उनसे दिल की बात करें। मेरा बाबा मुझे सुनता है, प्यार करता है और मार्गदर्शन देता है—ऐसा अनुभव हो। जब याद में मिलावट होती है, तब अनुभव कम हो जाता है। इसलिए एक बल, एक भरोसा—सिर्फ बाबा।

यदि कोई बात या शिकायत रखनी हो, तो शुभ वृत्ति और शांत भाव से रखें, आवेश या शिकायत की वृत्ति से नहीं। शुभ भावना समाधान लाती है। बाबा ने सिखाया है—गाली देने वाले के प्रति भी शुभ भावना रखो। इसलिए व्यक्ति नहीं, परिस्थिति को समझो।

महारथी भी कभी-कभी परवश हो सकते हैं। इसलिए किसी की कमजोरी देखकर व्यर्थ संकल्प न करें। परिवार आवश्यक है, लेकिन आधार नहीं। सेंटर पेपर हॉल है, इसलिए पेपर आएँगे ही। बिना पेपर के पास भी नहीं हो सकते।

बाबा से इतना जिगरी प्यार हो कि हर संबंध—पिता, सखा और शिक्षक—का अनुभव उन्हीं से हो। "बाबा मेरा है" इस निश्चय से योग सहज और पावरफुल बनता है। बाबा की याद फरियाद से नहीं, मेरेपन से करें। जब "मेरा बाबा" का अधिकार अनुभव होगा, तब मुरली का आनंद भी बढ़ेगा और जीवन में सच्ची खुशी आएगी।

अपने शरीर, व्यक्तियों या वैभव में भी मेरा-पन न लाएँ। सुख और शांति केवल बाबा से मिलती है। इसलिए सदा याद रखें—एक बल, एक भरोसा। हमेशा बुद्धि की एक अंगुली ऊपर, बाबा की ओर रहे।

You might also like

1
035-Ek Ras Stiti Ka Anubhav Ka Vidhi (43:55)
035-Ek Ras Stiti Ka Anubhav Ka Vidhi (43:55)
Dadi Gulzar Ji•707 plays• 43:55
43:55
2
16 Kala Sampurn Kaise Bane
16 Kala Sampurn Kaise Bane
Dadi Gulzar Ji•352 plays• 66:15
66:15
3
062-Yog KI Gahan Anubhuti (46:01)
062-Yog KI Gahan Anubhuti (46:01)
Dadi Gulzar Ji • Yog•322 plays• 46:01
46:01
4
081 Yog Ki Gaherai
081 Yog Ki Gaherai
Dadi Gulzar Ji • Yog•307 plays• 38:58
38:58
5
085 Avyakt Sthiti Kaise Banaye
085 Avyakt Sthiti Kaise Banaye
Dadi Gulzar Ji • Avyakt Maas•300 plays• 44:13
44:13
6
Vrutti Se Vayumandal Ka Parivartan evam Swaman Ka Mahatva
Vrutti Se Vayumandal Ka Parivartan evam Swaman Ka Mahatva
Dadi Gulzar Ji•267 plays• 40:44
40:44
7
020 Bachat Ka Khata Jama Kaise Kare 01-08-99
020 Bachat Ka Khata Jama Kaise Kare 01-08-99
Dadi Gulzar Ji•233 plays• 52:43
52:43
8
Purusharth Mein Attention Kaise Rakhe
Purusharth Mein Attention Kaise Rakhe
Dadi Gulzar Ji•231 plays• 41:06
41:06
9
सतत् बाप की याद से माया पर विजय सुनने
सतत् बाप की याद से माया पर विजय सुनने
Dadi Gulzar Ji•223 plays• 39:25
39:25
10
002 - Nischai Buddhi se Jeevan Mein Vijay Kaise Paaye
002 - Nischai Buddhi se Jeevan Mein Vijay Kaise Paaye
Dadi Gulzar Ji•222 plays• 67:26
67:26

More From

Dadi Gulzar Ji

Speaker

Dadi Gulzar Ji