आंखे खोलो अब अा रही देखो वो नव प्रभात है
आंखे खोलो अब अा रही देखो वो नव प्रभात है
अब निंद्रा को त्यागो बीती कलयुग की रात है
आंखे खोलो अब अा रही
संगम की अमृतवेला दर्शन प्रभूका पालो
संगम की अमृतवेला दर्शन प्रभूका पालो
खोलके नेत्र ज्ञान का छबि मनमें शिवकी बसा लो
खोलके नेत्र ज्ञानका छबि मनमें शिवकी बसा लो
ले लो अब दे रहा दाता खोल बेहद के हाथ है
अब निंद्रा को त्यागो बीती कलयुग की रात है
आंखे खोलो अब अा रही
रचते है शिव दैवी संसार सतयुग लिए हो जाओ तैयार
रचते है शिव दैवी संसार सतयुग लिए हो जाओ तैयार
द्वारे खड़ा शिव आकर सद्गुण के खोले वो भंडार
द्वारे खड़ा शिव आकर सद्गुण के खोले वो भंडार
शामिल हो जाओ आप भी चली शिव की अब बारात है
अब निंद्रा को त्यागो बीती कलयुग की रात है
आंखे खोलो अब अा रही देखो वो नव प्रभात है
आंखे खोलो अब अा रही देखो वो नव प्रभात है
अब निंद्रा को त्यागो बीती कलयुग की रात है
आंखे खोलो अब अा रही
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