"बच जाओगे माया के तूफान से....
आहा ऊंहूं..
छूट जाओगे जीवन के जंजाल से..
आहा ऊंहूं..
आओ कर लो शादी तुम भगवान से
आओ कर लो शादी तुम भगवान से
आहा ऊंहूं होओओ हो हो
देखो ये है संगमयुग की बेला...
आहा ऊंहूं
आई सजन की बरात लगा है मेला
आहा ऊंहूं
अबू में बनाया पुष्प कमल का आशियाना... आहा ऊंहूं
दिव्य गुणों से सजाकर तुमको है बिठाना...आहा ऊंहूं
फिर सजन घर जायेंगे हम शान से
फिर सजन घर जायेंगे हम शान से
आओ कर लो शादी तुम भगवान से
आओ कर लो शादी तुम भगवान से
प्राणों के है प्राण शिव जी मेरे साजन
आहा ऊंहूं
मेरे जल,अग्नि,पवन, धरती और गगन
आहा ऊंहू
बने हैं हम माटी के प्यारे खिलौने
आहा ऊंहू
माया मोह दिखाए हमें सपने सलोने
आहा ऊंहू
महा मिलन कर लो वो पधारे परमधाम से
महि मिलन कर लो वो पधारे परमधाम से
आओ कर लो शादी तुम भगवान से
आओ कर लो शादी तुम भगवान से
बच जाओगे माया के तूफान से
छूट जाओगे जीवन के जंजाल से
आओ कर लो शादी तुम भगवान से
आओ कर लो शादी तुम भगवान से
आओ कर लो शादी तुम भगवान से
आओ कर लो शादी तुम भगवान से
आओ कर लो शादी तुम भगवान से"
