

बाबा के संग, मनाएँगे हम अलौकिक अपना ये दिव्य जन्म। कैसा अनोखा, न्यारा निराला, बाबा बच्चों का है ये जन्मदिन। आओ शिव जयंती हम मिलकर मनाएँ, शिव ध्वज को गगन में लहराएँ। बाबा सदा ही अपने साथ हैं। वरदानों की यूँ बरसात है। साथ रहेंगे, साथ चलेंगे, बाबा से किया वादा निभाएँगे। हम माया की छाया में न आएँ, महावीर बन उसे भगाएँ। आओ शिव जयंती हम मिलकर मनाएँ, शिव ध्वज को गगन में लहराएँ। सच्ची दिल हो ये हमारी, हर ज़रूरत होगी पूरी। संगम का समय अनमोल है, हर जन्म में मिले इसका फल है। संकल्प, श्वास व्यर्थ न गवाएँ, ख़ज़ानों को जमा करते जाएँ। आओ शिव जयंती हम मिलकर मनाएँ, शिव ध्वज को गगन में लहराएँ। पुरुषार्थ में तीव्रता को लाएँ, दृढ़ता से सफलता को पाएँ। आदि जन्म के साथी बनेंगे, बाबा का जो दिल-तख़्त लेंगे। मेरा-मेरा ख़त्म हो जाए, एक मेरे बाबा में समाए आओ शिव जयंती हम मिलकर मनाएँ, शिव ध्वज को गगन में लहराएँ।