आपने संवार दी मेरी जिंदगानी
हम पे की आपने बड़ी मेहरबानी
मेरे बाबा मुझको दी खुशियां बेपनाह
आपकी हिनायते है आपकी निशानी
आपने संवार दी मेरी जिंदगानी
आपकी नजर पड़ी मुस्कुराई जिंदगी
सोई जो नसीब की लकीर वो सभी जगी
रोम रोम कहते प्रभु प्यार की कहानी
रोम रोम कहते प्रभु प्यार की कहानी
आपने संवार दी मेरी जिंदगानी
हम पे की आपने बड़ी मेहरबानी
गम के दास्ता गएं मन के फूल खिल गएं
अश्क मेरे इन नयन के मोतियों में ढल गएं
आसमां में है लिखी प्रीत ये पुरानी
आपने संवार दी मेरी जिंदगानी
सारे भर दिए खजाने मेरे मन की खान में
खिलने लगी चांदनी अरमान के जहान में
सीरत में सुरत समाई हैं सुहानी
सीरत में सुरत समाई हैं सुहानी
आपने संवार दी मेरी जिंदगानी
हम पे की आपने बड़ी मेहरबानी
मेरे बाबा मुझको दी खुशियां बेपनाह
मेरे बाबा मुझको दी खुशियां बेपनाह
आपकी हिनायते है आपकी निशानी
आपने संवार दी मेरी जिंदगानी
