आत्म ज्योति जगा आत्मन आत्म ज्योति जगा
आत्म ज्योति जगा आत्मन आत्म ज्योति जगा
मस्तक मध्य कुटीर जमाकर आसन अविचल एक बिछाकर
बन जा हंस खगा बन जा हंस खगा
आत्मन उड़ जा हंस खगा
आत्म ज्योति जगा आत्मन आत्म ज्योति जगा
मन तेरा चमकीला दर्पण सूरत अपनी खुद निहार ले
जगमग हो प्रकाश पुंज तुम अपना रूप स्वयं निखार ले
सर्व गुणों से सजा आत्मन सर्व गुणों से सजा
आत्म ज्योति जगा आत्मन आत्म ज्योति जगा
पावन देश के विशाल बुद्धि का ईश्वर ये वरदान मिला है
एक एक संकल्प श्रेष्ठ से तेरा जीवन कमल खिला है
प्रभु को ध्यान लगा आत्मन प्रभु को ध्यान लगा
आत्म ज्योति जगा आत्मन आत्म ज्योति जगा
कर संचार प्रकाश स्वयं का किरण किरण जगमे बिखरा दे
निर्बल दीन दुखी मानव को सतगति का सत पथ दरशा दे
विषय विकार भगा आत्मन विषय विकार भगा
आत्म ज्योति जगा आत्मन आत्म ज्योति जगा
मस्तक मध्य कुटीर जमाकर आसन अविचल एक बिछाकर
बन जा हंस खगा बन जा हंस खगा
आत्मन उड़ जा हंस खगा
आत्म ज्योति जगा आत्मन आत्म ज्योति जगा
आत्म ज्योति जगा आत्म ज्योति जगा
आत्म ज्योति जगा
