

आत्मा अनंत है इस तन का अंत है जो जान लेे बस वो ही संत है आत्मा अनंत है इस तन का अंत है जो जान लेे बस वो ही संत है इस तन में जागना और सोना वहीं तेरा ओढ़ना वहीं बिछोना पतझड़ सावन बसंत बहार बसंत बहार चार दिशाएं भुजाएं करे तुझे प्यार करे तुझे प्यार इन सब का तुझे मोल चुकाना है इन सब का तुझे मोल चुकाना है पीया घर जाना तुझे पीया घर जाना तुझे पीया घर जाना है डरना नहीं…… हो हो हो डरना नहीं….. डरना नहीं शिव साजन तेरे संग है आत्मा अनंत है इस तन का अंत है जो जान लेे बस वो ही संत है आओ जोड़ ले एक शिव से रिश्ता वो बना देंगे तुमको फरिश्ता आओ जोड़ ले एक शिव से रिश्ता वो बना देंगे तुमको फरिश्ता दिलमें उमंग है मन में तरंग है लगने लगे…. वो लगने लगे वो सदा मेरे संग है शिव भी अनंत है वो संतो के संत है संतो के संत है संतो के संत है शिव भी अनंत है वो संतो के संत है शिव भी अनंत है वो संतो के संत है रामेश्वरम है प्यारा गोपेश्वरम है हमारा इशू का गॉड है वो बोधियो का बौद्ध है वो नानक का ओमकारा मुहम्मद का अल्लाह प्यारा कर लो मंथन अनंत है मंथन अनंत है शिव भी अनंत है वो संतो के संत है शिव भी अनंत है वो संतो के संत है संतो के संत है —----------------------------------------