"आये तेरे करीब बाबा हम ऐसे धीरे-धीरे
सागर में जैसे नदियां मिलती हैं धीरे-धीरे
धरती से अब दूर मन पंछी उड़ चला है
जीने की बाबा हमको सिखाई ऐसी कला है
तेरे स्नेह में समाये हम ऐसे धीरे-धीरे
आये तेरे करीब बाबा हम ऐसे धीरे-धीरे...
दिल में बिठा के आपने खूबियों से भर दिया है
जनम-जनम के अरमानों को पूरा कर दिया है
तेरी यादों में समाये हैं हम ऐसे धीरे-धीरे
आये तेरे करीब बाबा हम ऐसे धीरे-धीरे....
सितारों की दुनिया में रहते बाबा हमारे
बेहद हसीन घड़ियाँ देखे रूहानी नजारे
मीठे वतन में पहुँचे हम ऐसे धीरे-धीरे
आये तेरे करीब बाबा हम ऐसे धीरे-धीरे......."
