ये सजा है संगमयुग का दिव्य राज दरबार
ये सजा है संगमयुग का दिव्य राज दरबार
ऐ स्वराज्य अधिकारियो
ऐ स्वराज्य अधिकारियो स्वागत सौ सौ बार
ये सजा है संगमयुग का दिव्य राज दरबार
प्यारे प्रभु के रत्नों का ये प्यारा प्रभु परिवार
प्यारे प्रभु के रत्नों का ये प्यारा प्रभु परिवार
है विश्व कल्याणकारीयो
विश्व कल्याणकारोयो अभिनंदन बारंबार
ये सजा है संगमयुग का दिव्य राज दरबार
खिली चूनिंदा फूलोका ये प्यारा गुलदस्ता है
“उफकी “हसी खुशी से ये सारा जग हसता है
किससे तुलना करे आपकी कोई भी न जचता है
आप बसे बाबा के नयन में आपमे बाबा बसता है
वह विश्व सेवाधारियों
वह विश्व सेवाधारियों स्वीकारो प्रभु ज्ञान
स्वागत सौ सौ बार अभिनंदन बारंबार
बड़ी आत्मीयता दिखाई प्यार आप पर आया है
आमंत्रित कर अपना समझकर अभिनंदनको बुलाया है
शोभनोक ये सभा देखकर प्रभु का मन हर्षाया है
ताज तख्त और तिलक दिया
पहनाया विजयी हार है
विश्व राज्याधिकारियों
विश्व राज्याधिकारियों महिमा अपरंपार
स्वागत सौ सौ बार अभिनंदन बारंबार
आनंद भरे अभिनंदनमें प्रभु प्रेम पुष्प बरसा रहे
देखके दिव्य विभूतियों को देवी देव हर्षा रहे
त्याग तपस्या सेवा साधना पवित्रता की बढ़ाए
दैवी कुल संग दसों दिशाए बज रही शहनाईया
हे रत्नों प्रभु साथियों
हे रत्नों प्रभु साथियों गुंजत जायजयकार
स्वागत सौ सौ बार अभिनंदन बारंबार
ये सजा है संगमयुग का दिव्य राज दरबार
ऐ स्वराज्य अधिकारियो स्वागत सौ सौ बार
स्वागत सौ सौ बार अभिनंदन बारंबार
स्वागत सौ सौ बार अभिनंदन बारंबार
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