ए दिल मेरे तू धिरज धर अब वक्त सुनहरा आएगा
ए दिल मेरे तू धिरज धर अब वक्त सुनहरा आएगा
ग़म की ये रात खतम होगी सुनहरा सवेरा आएगा
ए दिल मेरे तू धिरज धर
तू अपने कदम बढ़ाये जा मंजिल को पास बुलाए जा
गर तू है अकेला फिक्र ना कर प्रभु को
मन मीत बनाए जा
अपना कहकर के बुलाया है बडे प्यार से उसने पूकारा है
बाहों को बढ़ा उसका बन जा युग युग की प्यास बुझाए जा
युग युग की प्यास बुझाए जा
उस जैसा कोई यार नहीं वो पुरा साथ निभाएगा
ए दिल मेरे तू धिरज धर
हिम्मत का दामन छोड़ नहीं पर्वत भी रस्ता दे देगा
सागर भी लहरों से लाकर रत्नों से आंचल भर देगा
जब मुश्किल कोई आ जाए कोई राह नजर भी ना आएं
कहो दिल से मेरे साथी आ जाओ वो दौड़ा दौड़ा आ जाए
वो दौड़ा दौड़ा आ जाए
हाजिर वो हजार भुजाओं से हर मुश्किल तेरी मिटाएगा
ए दिल मेरे तू धिरज धर
अंधियारों की अब खैर नहीं यें कुछ पलकें मेहमान है
किरणों के रथ पे होके सवार
अगर स्वयं सिद्ध मान है
लेकर के बहिश्त हथेली पे वो द्वार पे दस्तक देता है
भगवान बने जिसका साथी सचमुच वो बड़े ही महान है
सचमुच वो बड़े ही महान है
ले कर के खयालो मे खुशी यां अथरो पे खुशी बिखराए जा
ए दिल मेरे तू धिरज धर अब वक्त सुनहरा आएगा
ए दिल मेरे तू धिरज धर अब वक्त सुनहरा आएगा
गम की यें रात खतम होगी
सुख भरा सवेरा आएगा
ए दिल मेरे तू धिरज धर
