"अंदाज बदलने लगते है चेहरे से नूर छलकता है
अंदाज बदलने लगते है चेहरे से नूर छलकता है
आंखो से पता चल जाता है जिस दिल में बाबा की याद है
अंदाज बदलने लगते है
जब मैंने कहा इस मधुबन की खुशबू मेरे बाबा तुम ही तो हो
जब मैंने कहा इस मधुबन की खुशबू मेरे बाबा तुम ही तो हो
वो कहने लगे इस मधुबन में
वो कहने लगे इस मधुबन में
तुम खिलते रहो तुम खिलते रहो
अंदाज बदलने लगते है
जब मैंने कहा तुम सूरज हो तुम चांद हो तुम सागर हो
जब मैंने कहा तुम सूरज हो तुम चांद हो तुम सागर हो
वो कहने लगे तुम सरिता हो
वो कहने लगे तुम सरिता हो
तुम चांदनी हो तुम किरणे हो
अंदाज बदलने लगते है चेहरे से नूर छलकता है
अंदाज बदलने लगते है
अंदाज बदलने लगते है"
