

अष्ट शक्तियों का चमत्कार, संगम पर खुलता स्वर्णिम द्वार, शिवबाबा भरता अमृत-भंडार, राजयोग देता शक्तियाँ अपार… अष्ट शक्ति… अष्ट शक्ति… अष्ट शक्ति… शिव शक्ति… शिव शक्ति… शिव शक्ति… राजयोग भरता शक्तियाँ अपार, पहली शक्ति है — अंतर की मधुर पुकार... अंदर सार बाहर विस्तार खुला द्वार छुटा संसार मिसाल शानदार कछुआ समयानुसार संकीर्ण आकार राजयोग भरता शक्तियाँ अपार, दूसरी शक्ति है — समेटने का व्यवहार... बिस्तर समेटा थैला लपेटा बोझ हटाया व्यर्थ मिटाया अतीत बिसराया मन हलकाया राजयोग भरता शक्तियाँ अपार, तीसरी है सहने की कला अपरम्पार... वृक्ष बनुँ छाया दूँ पत्थर सहूँ सदा मुस्कुराऊँ फल बरसाऊँ सहना सिखाऊँ राजयोग भरता शक्तियाँ अपार, चौथी है समाने की अलौकिक कमाल... नदियाँ समाएँ सागर हर्षाएँ सब स्वीकारे सब अपनाएँ बस सहलाएँ शांत लहराएँ अष्ट शक्तियों का चमत्कार, संगम पर खुलता स्वर्णिम द्वार, शिवबाबा भरता अमृत-भंडार, राजयोग देता शक्तियाँ अपार… अष्ट शक्ति… अष्ट शक्ति… अष्ट शक्ति… राजयोग भरता शक्तियाँ अपार, पाँचवीं है — सूक्ष्म परख की उजली धार... परख बारीक हीरा प्रतीक पहचान सटीक नज़र आत्मिक आत्मा मालिक परीक्षण सात्त्विक राजयोग भरता शक्तियाँ अपार, छठी शक्ति है — निर्णय का निर्मल संसार... सही निर्णय सदा विजय विवेक अक्षय दृढ़ निश्चय निर्मल हृदय सिद्धि उदय राजयोग भरता शक्तियाँ अपार, सातवीं शक्ति — सामना करे तूफ़ान हज़ार... आग विकराल संसार बेहाल मायावी उबाल जलती मशाल साहस ढाल आत्मा निहाल राजयोग भरता शक्तियाँ अपार, आठवीं सहयोग शक्तिसे उठता गोवर्धन विशाल... हाथ जुड़ें शक्ति मिले पर्वत उठे सहयोग खिले हृदय सजे एकता सँवरे अष्ट शक्तियों का चमत्कार, संगम पर खुलता स्वर्णिम द्वार, शिवबाबा भरता अमृत-भंडार, राजयोग देता शक्तियाँ अपार… अष्ट शक्ति… अष्ट शक्ति… अष्ट शक्ति… शिव शक्ति… शिव शक्ति… शिव शक्ति…