

ओम शांति ओम शांति ओम शांति अवतरित होकर भाग्यविधाता भाग्य हमारे जगा रहा अवतरित होकर भाग्यविधाता भाग्य हमारे जगा रहा परमात्म शक्तियों वरदानों को प्यार से हमपर बरसा रहा अन्तर्मन का आंचल भर ले चलो आज जीवन सफल करले अन्तर्मन का आंचल भर ले अवतरित होकर भाग्यविधाता भाग्य हमारे जगा रहा अवतरित होकर…… धैर्य धरो धरती वालो ये रात घनेरी जाएगी शुभ आशाओ, की नई किरण, स्वर्णिम प्रभात लाएगी ये परमात्म दिव्य संदेशका अनहद नाद गूंज रहा गूंज रहा परमात्म शक्तियों वरदानों को प्यार से हमपर बरसा रहा बरसा रहा परम धाम से शिव निराकार आए साकार मनुज तन का माध्यम बनाए दिया ब्दिव्य नाम ब्रम्हा जिनको कहा आए नवसृष्टी रचाने जीवन हुआ कमल हृदय हरपल आनंद विभोर हो रहा परमात्म शक्तियों वरदानों को प्यार से हमपर बरसा रहा बरसा रहा राज योग का है ये दर्शन हर मनको मिला नया चिंतन सारा विश्व बने प्रभु दर्पण हो निर्मल योगी जीवन देकर नवजीवन प्रकाश युगपरिवर्तन करा रहा करा रहा करा रहा परमात्म शक्तियों वरदानों को प्यार से हमपर बरसा रहा बरसा रहा परमात्म शक्तियों वरदानों को प्यार से हमपर बरसा रहा बरसा रहा एक है हम परिवार है एक परमपिता वो प्यारा है हम सब के है सब अपने है सारा विश्व हमारा है जन जन को वो प्रेम भाव के एक सूत्र में बांध रहा बांध रहा परमात्म शक्तियों वरदानों को प्यार से हमपर बरसा रहा अन्तर्मन का आंचल भर ले अन्तर्मन का आंचल भर ले चलो आज जीवन सफल करले अन्तर्मन का आंचल भर ले अवतरित होकर भाग्यविधाता भाग्य हमारे जगा रहा परमात्म शक्तियों वरदानों को प्यार से हमपर बरसा रहा बरसा रहा बरसा रहा —---------------------------------------