जय हो ओम शांति है बाबा कहते हैं कि अख्यात मिलन भी वही कर सकता है कि जो अब व्यक्ति स्थिति में हो अफेक्ट अर्थात व्यक्ति भाव से न्यारे हैं है और अव्यक्त समान प्यारे हुआ है तो चलिए अब व्यक्त दादा से अव्यक्त मिलन मनाने में पहुंचें मधुबन पावन भूमि में कि डायमंड हॉल में के सामने स्टेज पर बाबा कार्य थे फर्स्ट पेज के ठीक सामने [संगीत] कि मैं मग्न स्थिति में बैठा हूं ए दिल से प्राणेश्वर बाप दादा का आह्वान कर रहा हूं बाबा को मीठे बाबा का मैं आपसे अख्यात मंगल मिलन मनाने के लिए सभी ब्राह्मण आतुर है कि आप गहरा पैर सागर पदधारी बाबा अ अजय को को मेरा प्यार भरा निमंत्रण स्व ए परम धाम से प्यार एक शिवबाबा अवतरित हो रहे हैं सूक्ष्मवतन में है और प्यारे ब्रह्म बाबा को साथ ले बाप दादा दोनों मैं अपनी लाइफ माइट बिखेरते हैं के नीचे आ रहे हैं कर दो [संगीत] कर दो कि आगे मेरे सम्मुख अ कि दादी जी के साथ शिकार बन में अव्यक्त बापदादा अ कर दो कि बाप-दादा की आती ही को पूरा हॉल अव्यक्त प्रकाश से प्रकाशित हो गया है [संगीत] में व्यक्त में होते भी अव्यक्त अनुभव है कर दो है और प्यारी बाबा की शक्तिशाली दृष्टि कि मुझे आत्मा को भरपूर कर रही है कर दो एक व्यक्ति बाहुक से एक अव्यक्त भाव में स्थित कर रही है कि अ कि मैं अख्यात मिलन के आनंद में डूब रहा हूं कर दो 16 स्पष्ट अनुभव हो रहा है कि जैसे सामने एक अव्यक्त रूप में बाप दादा बैठें और मैं भी अख्यात रूपधारी बन ओं कि उन्हें निहार रहा है कि बाबा के वरदानी महावाक्य कि मेरे अंतर्मन में समाते जा रहे हैं कि अ कि इस अख्यात अलौकिक वातावरण में कि मेरे शरीर का अभियान समाप्त होता जा रहा है [संगीत] जैसे बाबा का स्वरूप लाइट और माइट है है वैसे ही मैं भी स्वयं को लाइट और माइट वर्ष के स्वरूप में अनुभव कर रहा हूं [संगीत] कि हत्यारे बाप दादा के साथ कि मैं फ़रिश्ता और चलता हूं अव्यक्त वतन की ओर [संगीत] पहुंच जाता हूं श्वेत प्रकाश की दुनिया में के बाप दादा मेरा हाथ पकड़ मुझे वतन की सैर करा रही है [संगीत] में दिव्य अलौकिक अनुभव करा रहे हैं [संगीत] कर दो कि नयन मुलाकात करते हैं कि मुझे आप समान बनने का वरदान दे रहे हैं के [प्रशंसा] सर्वर गुणों कि व शक्तियों से संपन्न कर रहे हैं लुट मेरे मन में उठने वाले प्रश्नों का आ कि उत्तर दे रहे हैं [संगीत] एक अव्यक्त बापदादा से यह अख्यात मिलन है कि कितना सुंदर और सुहावना है कि अ कर दो कि बाबा से अख्यात मिलन मनाते कि अब मैं कर्मक्षेत्र में वापस आ जाता हूं मैं कि आज बार पास अफेक्ट स्थिति मेज़ पे प्यारे पाता से कभी मधुबन में है तो कभी वतन में अव्यक्त मिलन मनाए है है और बाप समान बनने का वरदान ले [संगीत] जय हो ओम ओम शांति कि अ हुआ है हुआ है [संगीत] कर दो [संगीत]
