बात कर स्वयं से,
मिल अपने आप से,
जाग अब नींद से,
चल अपने प्रयास से....
जीवन है फसल,
चिड़िया ये पल,
प्रहरी जाग, प्रतिपल।
राज़ है गहरा,
छाया है कोहरा,
जाग, रख पहरा।
उठ, अब जाग,
भीतर है दाग,
जला तू आग।
समय है अनमोल,
द्वार अब खोल,
व्यर्थ न डोल।
बात कर स्वयं से,
मिल अपने आप से,
जाग अब नींद से,
चल अपने प्रयास से....
कब तक रुकोगे?
कब तक डरोगे?
कब तक टालोगे?
कब तक सोओगे?
कहाँ तक भागोगे?
कब तुम जागोगे?
आज ही सवेरा,
मिटा दे अंधेरा,
माया का फेरा।
दीप जला आज,
नेत्र खोल आज,
रास्ता चुन आज।
बात कर स्वयं से,
मिल अपने आप से,
जाग अब नींद से,
चल अपने प्रयास से....
मिलन खुद से,
बातें स्वयं से,
जुड़ निज से।
बस सच देख,
बस भीतर देख,
बस अब देख।
सुन अपनी धड़कन,
देख अपना गगन,
हो जा मगन।
खुद से मिलना,
भगवान से मिलना,
एक ही चाहना।
बात कर स्वयं से,
मिल अपने आप से,
जाग अब नींद से,
चल अपने प्रयास से....
बस उठ जाना,
बस जग जाना,
बस मिल जाना...
