िमित्त,निर्मान,निर्मल वाणी
ऐसी अपनी बनाओ
सम्पन्न, सन्तुष्ट और सम्पूर्ण पवित्र
बच्चों अब बन जाओ
घर चलना है ,
घर चलना है देर हो रही
और ना देर लगाओ
सुनो सुनो क्या कहती दादी जरा गौर फरमाओ
जरा गौर फरमाओ
बाबा बुला रहे हैं बच्चों वतन में आओ
अब मुझको ना बुलाओ तुम मेरे पास आओ
बाबा बुला रहे हैं बच्चों वतन में आओ
अब मुझको ना बुलाओ तुम मेरे पास आओ
दुखियों की चीत्कारें क्या तुम तलक न आईं
क्या भक्तों की पुकारें पड़ती नही सुनाईं
दुखियों की चीत्कारें क्या तुम तलक न आईं
क्या भक्तों की पुकारें पड़ती नही सुनाईं
उनको दरस दिखाओ अब कुछ तरस तो खाओ
अब कुछ तरस तो खाओ
बाबा बुला रहे हैं बच्चों वतन में आओ
अब मुझको ना बुलाओ तुम मेरे पास आओ
जब जब मुझे बुलाया तब तब मैं पास आया
सर्वस्व अपना देकर वादा हर एक निभाया
जब जब मुझे बुलाया तब तब मैं पास आया
सर्वस्व अपना देकर वादा हर एक निभाया
मेरे समान बनकर तुम भी वादा निभाओ
तुम भी वादा निभाओ
बाबा बुला रहे हैं बच्चों वतन में आओ
अब मुझको ना बुलाओ तुम मेरे पास आओ
मैं पास में तुम्हारे आता रहूंगा कब तक
इंतजार मैं वतन में करता रहूंगा कब तक
मैं पास में तुम्हारे आता रहूंगा कब तक
इंतजार मैं वतन में करता रहूंगा कब तक
अब देर ना लगाओ,आओ वतन सजाओ
आओ वतन सजाओ
बाबा बुला रहे हैं बच्चों वतन में आओ
अब मुझको ना बुलाओ तुम मेरे पास आओ
बाबा बुला रहे हैं बच्चों वतन में आओ
अब मुझको ना बुलाओ तुम मेरे पास आओ
बाबा बुला रहे हैं ......
