संस्कार से ही बने ये संसार
संस्कार से ही बने ये संसार
स्वर्णिम संसार का यही आधार
बाबा ही अपना संसार ना रहें कोई पुराना संस्कार
बाबा से शक्ति लेनी है संस्कारों को विदाई देनी है
बाबा ही अपना संसार ना रहें कोई पुराना संस्कार
हम है रहम दिल पूर्वज आत्माएं
हम है रहम दिल पूर्वज आत्माएं
सबको सुख शांति हमें ही देना है
सुन ले हम दुःखीयों की पुकार
खुशियों का उन्हें दे उपहार
मनसा सेवा हमें करनी है
रूहों में शक्ति भरनी है
बाबा ही अपना संसार ना रहें कोई पुराना संस्कार
परमात्मा से प्राप्तियाँ हम को मिली
परमात्मा से प्राप्तियाँ हम को मिली
सर्व खजानों से भर ले अपनी झोली
जो हमें मिला देना है दान
वरदाता की हम है संतान
ये दुनियां अभी अपना परिवार
इनका भी करना है उद्धार
बाबा ही अपना संसार ना रहें कोई पुराना संस्कार
बाबा बार बार यहीं बात कहें
बाबा बार बार यहीं बात कहें
पुराने संस्कारों का अंश नहीं रहे
संस्कार को जब मिटाएंगे
निर्विघ्न हम बन जायेंगे
हिम्मत का जब हम रखते कदम
बाबा से मदद मिले पद्मा पदम
बाबा ही अपना संसार ना रहें कोई पुराना संस्कार
