सतगुरू मैं तेरी पतंग, बाबा मैं तेरी पतंग,
बाबा मैं तेरी पतंग
बाबा मैं तेरी पतंग
वतन में उड़के जाऊंगी
वतन में उड़के जाऊंगी
ज्ञान योग के पंख लगाकर पल में आऊंगी
बाबा मैं तेरी पतंग
बाबा मैं तेरी पतंग
वतन में उड़के जाऊंगी
वतन में उड़के जाऊंगी
ज्ञान योग के पंख लगाकर पल में आऊंगी
भटकी थी बरसों से मैं..
न कोई सहारा था...न कोई सहारा था
भटकी थी बरसों से मैं..
न कोई सहारा था...न कोई सहारा था
उलझी कांटों में बाबा...
बस तुझे पुकारा था...बस तुझे पुकारा था
उलझी कांटों में बाबा...
बस तुझे पुकारा था...बस तुझे पुकारा था
अब डोर जो तेरे हाथों में ..अब डोर जो तेरे हाथों में
ऊंची उड़ जाऊंगी..ऊंची उड़ जाऊंगी
ज्ञान योग के पंख लगाकर पल में आऊंगी
बाबा मैं तेरी पतंग
बाबा मैं तेरी पतंग
वतन में उड़के जाऊंगी
वतन में उड़के जाऊंगी
ज्ञान योग के पंख लगाकर पल में आऊंगी
बाबा मैं तेरी पतंग
बाबा मैं तेरी पतंग
बड़ी मुश्किल से ओ बाबा,
अब तुझको पाया है ....अब तुझको पाया है
बड़ी मुश्किल से ओ बाबा,
अब तुझको पाया है ....अब तुझको पाया है
माया की आंधियों में,
तू ने ही बचाया है, तू ने ही बचाया है
माया की आंधियों में,
तू ने ही बचाया है, तू ने ही बचाया है
तेरी याद का झोंका बाबा...तेरी याद का झोंका बाबा...
इस दिल में समाउंगी.. इस दिल में समाउंगी
ज्ञान योग के पंख लगाकर पल में आऊंगी
बाबा मैं तेरी पतंग
बाबा मैं तेरी पतंग
वतन में उड़के जाऊंगी
वतन में उड़के जाऊंगी
ज्ञान योग के पंख लगाकर पल में आऊंगी
बाबा मैं तेरी पतंग
बाबा मैं तेरी पतंग
